Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सीने के बीच में दरà¥à¤¦ होने के हो सकते हैं ये कारण :-
à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€
छाती के बीच में यानी सà¥à¤µà¤¾à¤‚सनली वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ का à¤à¤• कारण हो सकता है। दरअसल, जब आहारनली में à¤à¤¸à¤¿à¤¡ आता है, तो सीने के बीचों-बीच में दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है। यह दरà¥à¤¦ पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में à¤à¥€ होता है। अपच, कोई दवा, शराब या फिर मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ को बढ़ा सकता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको छाती के बीच तेज दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है।
हारà¥à¤Ÿ अटैक
महिलाओं और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में हारà¥à¤Ÿ अटैक के लकà¥à¤·à¤£ अलग-अलग हो सकते हैं। अगर छाती के बीच में दरà¥à¤¦ है, तो यह महिलाओं में होने वाले हारà¥à¤Ÿ अटैक का à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। यानी हारà¥à¤Ÿ अटैक आने से पहले छाती के बीच दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है। महिलाओं को यह दरà¥à¤¦ कà¤à¥€ धीमा या तेज हो सकता है। इसलिठअगर आपको लगातार छाती के बीच में दरà¥à¤¦ महसूस हो, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कंसलà¥à¤Ÿ करें।
अगर आपको छाती के बीच में दरà¥à¤¦ होने के साथ ही जकड़न, सांस लेने में तकलीफ और थकान महसूस हो तो इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को अनदेखा बिलà¥à¤•à¥à¤² न करें।
गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹-ओओसोफेगल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ रोग
जब किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को छाती के बीच में दरà¥à¤¦ महसूस होता है, तो यह गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹-ओओसोफेगल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ रोग के कारण à¤à¥€ हो सकता है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ अधिकतर अधिक वजन वाले लोगों में देखने को मिलता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पेट में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली में वापस आ जाता है। गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹ ओओसोफेगल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ होने पर आपको छाती के बीच में दरà¥à¤¦, जकड़न और जलन महसूस हो सकती है।
सà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤® फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤°
ऊपरी शरीर के मूवमेंट के लिठसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤® बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। अगर सà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤® में फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° होता है, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में छाती के बीच में दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है। यह चोट खेलने के दौरान या फिर फिजिकली à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ के दौरान लग सकती है।
| --------------------------- | --------------------------- |